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भारत में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख पहलें
भारत सरकार ने देश को वैश्विक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलें शुरू की हैं। नवंबर 2025 में आयोजित ESTIC-2025 (Emerging Science, Technology and Innovation Conclave) के दौरान प्रधानमंत्री ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की।
अनुसंधान विकास एवं नवाचार (RDI) योजना
नवंबर 2025 में शुरू की गई यह योजना 1 लाख करोड़ रुपये के आवंटन के साथ भारत की सबसे बड़ी अनुसंधान पहल है। यह योजना उच्च जोखिम और उच्च प्रभाव वाली परियोजनाओं के लिए पहली बार पूंजी उपलब्ध कराती है तथा निजी क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में 10,000 फेलोशिप प्रदान की जाएंगी।
अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF)
संसद के अधिनियम 2023 के तहत स्थापित ANRF देश में अनुसंधान के लिए शीर्ष निकाय है। इसका लक्ष्य 2023-28 के दौरान 50,000 करोड़ रुपये जुटाना है, जिसमें से 14,000 करोड़ रुपये केंद्र सरकार से तथा शेष उद्योग और परोपकारी संस्थाओं से आएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 सितंबर 2024 को ANRF की गवर्निंग बोर्ड की पहली बैठक की अध्यक्षता की।
इंडियाएआई मिशन
मार्च 2024 में केबिनेट द्वारा अनुमोदित यह मिशन 10,371.92 करोड़ रुपये के बजट के साथ पांच वर्षों के लिए स्वीकृत किया गया है। "मेकिंग AI इन इंडिया एंड मेकिंग AI वर्क फॉर इंडिया" के दृष्टिकोण के साथ, इस मिशन ने प्रारंभिक लक्ष्य 10,000 GPUs से बढ़ाकर 38,000 GPUs तक कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाई है। यह मिशन AI इनोवेशन, गवर्नेंस फ्रेमवर्क और कौशल विकास पर केंद्रित है।
राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM)
19 अप्रैल 2023 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत यह मिशन 2023-24 से 2030-31 तक 6,003.65 करोड़ रुपये के कुल बजट के साथ कार्यान्वित किया जा रहा है। इस मिशन का लक्ष्य 8 वर्षों में 50-1000 फिजिकल क्यूबिट्स के साथ इंटरमीडिएट स्केल क्वांटम कंप्यूटर विकसित करना है। भारत इस मिशन के साथ अमेरिका, ऑस्ट्रिया, फिनलैंड, फ्रांस, कनाडा और चीन के बाद **सातवां देश** बन गया है जिसके पास समर्पित क्वांटम मिशन है।
अटल इनोवेशन मिशन (AIM)
केबिनेट ने हाल ही में मार्च 2028 तक 2,750 करोड़ रुपये के बजट आवंटन के साथ मिशन की निरंतरता को मंजूरी दी है। AIM 2.0 के तहत, मिशन का लक्ष्य अपनी पहुंच का विस्तार करना, मौजूदा इनक्यूबेशन नेटवर्क को मजबूत करना और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के साथ गहरा जुड़ाव बनाना है।
राष्ट्रीय अंतःविषय साइबर-फिजिकल सिस्टम मिशन (NM-ICPS)
6 दिसंबर 2018 को केबिनेट द्वारा अनुमोदित यह मिशन 3,660 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है। यह मिशन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और साइबर सुरक्षा जैसे उभरते क्षेत्रों में विकास का समर्थन करता है।
विज्ञान धारा योजना
भारत सरकार ने इस एकीकृत योजना के लिए आवंटन में उल्लेखनीय वृद्धि की है - 2024-25 में 330.75 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2025-26 में 1,425.00 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह योजना देश के वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी विकास पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ाने के लिए है।
प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र (TIH)
उन्नत प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में कुल 25 प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा, डेटा एनालिटिक्स, कृषि और जल प्रौद्योगिकियां, खनन प्रौद्योगिकियां, उन्नत संचार प्रणाली और क्वांटम प्रौद्योगिकियां शामिल हैं।
नवाचारों के विकास के लिए राष्ट्रीय पहल (NIDHI)
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा कार्यान्वित यह कार्यक्रम स्टार्ट-अप और व्यक्तिगत नवप्रवर्तकों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। विभिन्न अनुसंधान एवं विकास संस्थानों में उपकरणों और प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए कई पहल की गई हैं।
ESTIC 2025
उभरती विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार कॉन्क्लेव (ESTIC) 2025 का आयोजन 3-5 नवंबर 2025 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में किया गया। इसमें शिक्षाविदों, अनुसंधान संस्थानों, उद्योग और सरकार के 3,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें नोबेल पुरस्कार विजेता, प्रमुख वैज्ञानिक, नवप्रवर्तक और नीति निर्माता शामिल थे।अतिरिक्त पहलें
भारत सरकार ने 2024 में पहली बार राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार प्रदान किए तथा पहली बार राष्ट्रीय अंतरिक्ष विज्ञान दिवस का आयोजन किया। INSPIRE-MANAK कार्यक्रम के तहत छात्रों के तकनीकी विचारों और नवाचारों के लिए नामांकन आमंत्रित किए जा रहे हैं।



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